शिक्षा एवं नवाचार के माध्यम से विकसित भारत @2047: लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन की संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ

Authors

  • डॉ० संजय कुमार स्वर्णकार असिस्टेंट प्रोफेसर, बी० एड० विभाग, उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी Author
  • डॉ० सुषमा वर्मा सहायक अध्यापिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय मंचितपुर, अमावा रायबरेली। Author

Keywords:

विकसित भारत@2047, नवाचार, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, डिजिटल इंडिया, सतत विकास लक्ष्य

Abstract

विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य भारत को 2047 तक एक सशक्त, समृद्ध और समावेशी राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शिक्षा, संस्कृति और नवाचार के बीच समन्वय आवश्यक है। यह शोधपत्र शिक्षा, संस्कृति और तकनीकी नवाचार के परस्पर संबंधों का विश्लेषण करता है, विशेष रूप से लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन के दृष्टिकोण से। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ जैसी पहलें न केवल आर्थिक विकास को गति दे रही हैं, बल्कि समाज के वंचित समूहों- विशेषतः महिलाओं, दिव्यांगों और अल्पसंख्यकों- को सशक्त बना रही हैं। शोधपत्र में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के साथ भारत की नीतियों का भी परिप्रेक्ष्य  प्रस्तुत किया गया है। निष्कर्ष रूप में पाया गया कि ‘विकसित भारत@2047’ का वास्तविक अर्थ तभी साकार होगा जब शिक्षा प्रणाली, सांस्कृतिक चेतना और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन सुनिश्चित किए जाएँ।

Downloads

Published

2026-07-25

Issue

Section

Articles