माध्यमिक स्तर पर बालिका शिक्षा: स्थिति एवं चुनौतियाँ
Keywords:
बालिका शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, यू-डाइस प्लस, राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020, समग्र शिक्षा, शैक्षिक चुनौतियाँAbstract
बालिका शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार माना जाता है, क्योंकि यह सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक सशक्तिकरण तथा मानव संसाधन विकास का आधार प्रदान करती है। माध्यमिक शिक्षा बालिका शिक्षा का महत्वपूर्ण चरण है इसी चरण में अनेक बालिकाएँ पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारणों से अपनी शिक्षा निरंतर जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करती हैं। बालिका शिक्षा की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020, समग्र शिक्षा, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, छात्रवृत्ति योजनाओं तथा अन्य शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इसके बावजूद क्षेत्रीय असमानताएँ, विद्यालय त्याग (ड्रॉपआउट), लैंगिक पूर्वाग्रह, सीमित आधारभूत सुविधाएँ तथा सामाजिक-आर्थिक विषमताएँ अभी भी महत्वपूर्ण चुनौतियों के रूप में विद्यमान हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर बालिका शिक्षा की वर्तमान स्थिति का समग्र विश्लेषण करना, इसके समक्ष विद्यमान प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना व विभिन्न सरकारी पहलों की समीक्षा करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध दृष्टिकोण अपनाया गया है तथा आवश्यक तथ्य एवं आँकड़े यू-डाइस प्लस (UDISE+), शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020, विभिन्न सरकारी प्रतिवेदनों तथा उपलब्ध शोध साहित्य स्रोतों से संकलित किए गए हैं।